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65
يا أَيُّهَا النَّبِيُّ حَرِّضِ المُؤمِنينَ عَلَى القِتالِ ۚ إِن يَكُن مِنكُم عِشرونَ صابِرونَ يَغلِبوا مِائَتَينِ ۚ وَإِن يَكُن مِنكُم مِائَةٌ يَغلِبوا أَلفًا مِنَ الَّذينَ كَفَروا بِأَنَّهُم قَومٌ لا يَفقَهونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ऐ रसूल तुम मोमिनीन को जिहाद के वास्ते आमादा करो (वह घबराए नहीं ख़ुदा उनसे वायदा करता है कि) अगर तुम लोगों में के साबित क़दम रहने वाले बीस भी होगें तो वह दो सौ (काफिरों) पर ग़ालिब आ जायेगे और अगर तुम लोगों में से साबित कदम रहने वालों सौ होगें तो हज़ार (काफिरों) पर ग़ालिब आ जाएँगें इस सबब से कि ये लोग ना समझ हैं