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44
وَنادىٰ أَصحابُ الجَنَّةِ أَصحابَ النّارِ أَن قَد وَجَدنا ما وَعَدَنا رَبُّنا حَقًّا فَهَل وَجَدتُم ما وَعَدَ رَبُّكُم حَقًّا ۖ قالوا نَعَم ۚ فَأَذَّنَ مُؤَذِّنٌ بَينَهُم أَن لَعنَةُ اللَّهِ عَلَى الظّالِمينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और जन्नती लोग जहन्नुमी वालों से पुकार कर कहेगें हमने तो बेशक जो हमारे परवरदिगार ने हमसे वायदा किया था ठीक ठीक पा लिया तो क्या तुमने भी जो तुमसे तम्हारे परवरदिगार ने वायदा किया था ठीक पाया (या नहीं) अहले जहन्नुम कहेगें हाँ (पाया) एक मुनादी उनके दरमियान निदा करेगा कि ज़ालिमों पर ख़ुदा की लानत है