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27
يا بَني آدَمَ لا يَفتِنَنَّكُمُ الشَّيطانُ كَما أَخرَجَ أَبَوَيكُم مِنَ الجَنَّةِ يَنزِعُ عَنهُما لِباسَهُما لِيُرِيَهُما سَوآتِهِما ۗ إِنَّهُ يَراكُم هُوَ وَقَبيلُهُ مِن حَيثُ لا تَرَونَهُم ۗ إِنّا جَعَلنَا الشَّياطينَ أَولِياءَ لِلَّذينَ لا يُؤمِنونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ताकि लोग नसीहत व इबरत हासिल करें ऐ औलादे आदम (होशियार रहो) कहीं तुम्हें शैतान बहका न दे जिस तरह उसने तुम्हारे बाप माँ आदम व हव्वा को बेहश्त से निकलवा छोड़ा उसी ने उन दोनों से (बेहश्ती) पोशाक उतरवाई ताकि उन दोनों को उनकी शर्मगाहें दिखा दे वह और उसका क़ुनबा ज़रूर तुम्हें इस तरह देखता रहता है कि तुम उन्हे नहीं देखने पाते हमने शैतानों को उन्हीं लोगों का रफीक़ क़रार दिया है