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103
ثُمَّ بَعَثنا مِن بَعدِهِم موسىٰ بِآياتِنا إِلىٰ فِرعَونَ وَمَلَئِهِ فَظَلَموا بِها ۖ فَانظُر كَيفَ كانَ عاقِبَةُ المُفسِدينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

फिर हमने (उन पैग़म्बरान मज़कूरीन के बाद) मूसा को फिरऔन और उसके सरदारों के पास मौजिज़े अता करके (रसूल बनाकर) भेजा तो उन लोगों ने उन मौजिज़ात के साथ (बड़ी बड़ी) शरारतें की पस ज़रा ग़ौर तो करो कि आख़िर फसादियों का अन्जाम क्या हुआ