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75
وَما لَكُم لا تُقاتِلونَ في سَبيلِ اللَّهِ وَالمُستَضعَفينَ مِنَ الرِّجالِ وَالنِّساءِ وَالوِلدانِ الَّذينَ يَقولونَ رَبَّنا أَخرِجنا مِن هٰذِهِ القَريَةِ الظّالِمِ أَهلُها وَاجعَل لَنا مِن لَدُنكَ وَلِيًّا وَاجعَل لَنا مِن لَدُنكَ نَصيرًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(और मुसलमानों) तुमको क्या हो गया है कि ख़ुदा की राह में उन कमज़ोर और बेबस मर्दो और औरतों और बच्चों (को कुफ्फ़ार के पंजे से छुड़ाने) के वास्ते जेहाद नहीं करते जो (हालते मजबूरी में) ख़ुदा से दुआएं मॉग रहे हैं कि ऐ हमारे पालने वाले किसी तरह इस बस्ती (मक्का) से जिसके बाशिन्दे बड़े ज़ालिम हैं हमें निकाल और अपनी तरफ़ से किसी को हमारा सरपरस्त बना और तू ख़ुद ही किसी को अपनी तरफ़ से हमारा मददगार बना