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37
الَّذينَ يَبخَلونَ وَيَأمُرونَ النّاسَ بِالبُخلِ وَيَكتُمونَ ما آتاهُمُ اللَّهُ مِن فَضلِهِ ۗ وَأَعتَدنا لِلكافِرينَ عَذابًا مُهينًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वे जो स्वयं कंजूसी करते है और लोगों को भी कंजूसी पर उभारते है और अल्लाह ने अपने उदार दान से जो कुछ उन्हें दे रखा होता है, उसे छिपाते है, जो हमने अकृतज्ञ लोगों के लिए अपमानजनक यातना तैयार कर रखी है