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172
الَّذينَ استَجابوا لِلَّهِ وَالرَّسولِ مِن بَعدِ ما أَصابَهُمُ القَرحُ ۚ لِلَّذينَ أَحسَنوا مِنهُم وَاتَّقَوا أَجرٌ عَظيمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

निहाल हो रहे हैं (जंगे ओहद में) जिन लोगों ने जख्म खाने के बाद भी ख़ुदा और रसूल का कहना माना उनमें से जिन लोगों ने नेकी और परहेज़गारी की (सब के लिये नहीं सिर्फ) उनके लिये बड़ा सवाब है