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225
لا يُؤاخِذُكُمُ اللَّهُ بِاللَّغوِ في أَيمانِكُم وَلٰكِن يُؤاخِذُكُم بِما كَسَبَت قُلوبُكُم ۗ وَاللَّهُ غَفورٌ حَليمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तुम्हारी लग़ो (बेकार) क़समों पर जो बेइख्तेयार ज़बान से निकल जाए ख़ुदा तुम से गिरफ्तार नहीं करने का मगर उन कसमों पर ज़रुर तुम्हारी गिरफ्त करेगा जो तुमने क़सदन (जान कर) दिल से खायीं हो और ख़ुदा बख्शने वाला बुर्दबार है